सामाजिक/धार्मिक

भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर झाबुआ में भव्य आयोजन की तैयारियां जोरों पर

झाबुआ। भगवान परशुराम जन्मोत्सव के शुभ अवसर पर 29 और 30 अप्रैल 2025 को झाबुआ में भव्य आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष का आयोजन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि झाबुआ में नवनिर्मित भगवान परशुराम मंदिर जिसे शिव परशुराम धाम के नाम से जाना जाता है, वहां समाजजन विशेष आयोजन कर रहे हैं।

परंपरागत शोभायात्रा एवं आरती का आयोजन

परंपरा के अनुसार, भगवान परशुराम जन्मोत्सव की भव्य शोभायात्रा श्री जगदीश मंदिर से प्रारंभ होगी, पुनः जगदीश मंदिर पहुंचकर आरती के उपरांत समाजजन शिव परशुराम धाम (परशुराम मंदिर) पहुंचेंगे, जहां महाआरती एवं सामूहिक भोजन प्रसादी सहभोज का आयोजन होगा।

समाज के वरिष्ठजनों का संदेश

इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजन श्री के. के. त्रिवेदी, श्री विद्याराम शर्मा, श्री गणेश शंकर उपाध्याय, श्री अरविंद व्यास ने समाज के आपसी समन्वय और एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने का अवसर है।

आयोजन की व्यवस्थाओं में जुटे समाजजन

इस आयोजन को सफल बनाने के लिए ब्राह्मण समाज के सभी सदस्य मिलकर कार्य कर रहे हैं। व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने में श्री ललित त्रिवेदी, श्री आशीष चतुर्वेदी, श्री राजकुमार देवल, श्री मनोज शर्मा, श्री शशिकांत शर्मा, श्री लोकेश दवे, श्री राजेश शर्मा सहित अन्य कई सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। आयोजन की संपूर्ण व्यवस्थाओं में गौतम त्रिवेदी, कपिल जानी, अश्विन शर्मा, हिमांशु भट्ट, सतीश मिश्रा, प्रदीप शर्मा, विशाल भट्ट, अशोक त्रिवेदी, मुकेश शर्मा, सुनील शर्मा, दिनेश पालीवाल, विनोद दत्त आदि समाजजन पूरी निष्ठा से लगे हुए हैं। इसके अलावा श्री राकेश त्रिवेदी, श्री हीरालाल पालीवाल, श्री मोहनलाल पालीवाल, हितेश जी जोशी एवं उमेश पांडे सहित अन्य कार्यकर्ताओं द्वारा भी आयोजन की सफलता के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।

महिला इकाई की विशेष भागीदारी

इस आयोजन में ब्राह्मण समाज की महिला इकाई भी पूरी तत्परता से योगदान दे रही है। श्रीमती संगीता त्रिवेदी, श्रीमती रेखा शर्मा, श्रीमती देवयानी नायक एवं अन्य महिलाएं आयोजन को भव्यता और गरिमा प्रदान करने में अहम भूमिका निभा रही हैं।

भगवान परशुराम के जन्मोत्सव का यह भव्य आयोजन ब्राह्मण समाज को और अधिक सशक्त और संगठित करने का संदेश देगा। समाजजन मिलकर इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए संकल्पित हैं।

हिमांशु त्रिवेदी, संपादक, भील भूमि समाचार, Reg.MPHIN/2023/87093

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