झाबुआ: सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी संघ ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

झाबुआ। मध्यप्रदेश सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी संघ, जिला शाखा झाबुआ ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा। ज्ञापन में संघ ने कृत्रिम गर्भाधान कार्य से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं को रेखांकित करते हुए त्वरित समाधान की मांग की।
संघ ने बताया कि अधिकारियों पर प्रतिदिन 8–10 कृत्रिम गर्भाधान करने का अव्यवहारिक लक्ष्य थोपा जा रहा है, जबकि यह प्रक्रिया पूर्णतः पशुपालकों की स्वेच्छा पर आधारित है। गाय-भैंस में केवल हीट या ऋतुकाल आने पर ही कृत्रिम गर्भाधान संभव होता है, ऐसे में दैनिक लक्ष्य तय करना अनुचित है।
ज्ञापन में जिले की भौगोलिक स्थिति और बड़े पैमाने पर पलायन को बड़ी चुनौती बताया गया। पशुओं को टैग करते समय आधार ओटीपी आवश्यक होता है, लेकिन पलायन के कारण पशुपालक अक्सर बाहर मजदूरी पर रहते हैं, जिससे ओटीपी प्राप्त करना संभव नहीं हो पाता।
संघ ने यह भी उल्लेख किया कि एक सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी के पास 6–8 पंचायतों के अंतर्गत 15–20 गांव आते हैं। इतने विस्तृत क्षेत्र में फील्ड सेवाएं देना अत्यधिक कठिन है। कई संस्थाओं में महिला कर्मचारी पदस्थ हैं, जिनके पास चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी नहीं है, जिससे उन्हें फील्ड कार्य में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
संघ की ओर से आगे कहा गया कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो पूरे प्रांत के साथ मिलकर उचित आंदोलन किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने वालों में संघ के जिला अध्यक्ष जगसिंह भूरिया, जिला एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नाहरसिंह गुंडिया, सुखराम कतिजा, जीवन भट्ट, शिवपाल सिंह भंवर, के.के. चौहान सहित जिले के सभी फील्ड अधिकारी उपस्थित रहे।




