गुड़ी पड़वा 2025: झाबुआ में सूर्य को अर्घ्य और प्रभात फेरी इन स्थानों पर!

झाबुआ। हिंदू नववर्ष गुड़ी पड़वा के शुभ अवसर पर झाबुआ में सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा को भव्य तरीके से निभाया जाएगा। इसी के साथ राजवाड़ा चौक से परंपरागत रूप से निकाली जाने वाली प्रभात फेरी रहेगी नगर के हिंदू समाज के एकत्रीकरण का स्त्रोत।
1. हाथी पावा पहाड़ी – ध्वजारोहण और सूर्य अर्घ्य
झाबुआ का रमणीय स्थल हाथी पाव पहाड़ी इस बार भी हिंदू परंपराओं के निर्वहन का गवाह बनेगा। हाथी पाव मॉर्निंग क्लब के सदस्य यहां प्रातः 6:00 बजे ध्वजारोहण करेंगे और उसके पश्चात 6:30 बजे सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा निभाएंगे। क्लब के सदस्यों का कहना है कि राष्ट्रधर्म सर्वोपरि है, इसलिए वे पहले राष्ट्रध्वज फहराते हैं और फिर सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं।
2. केशव इंटरनेशनल स्कूल – संस्कृति और परंपराओं का संवाहक
झाबुआ का प्रतिष्ठित केशव इंटरनेशनल स्कूल भी हिंदू नववर्ष के अवसर पर प्रातः 6:00 बजे विशेष अनुष्ठान करेगा, जिसमें सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा निभाई जाएगी। यह विद्यालय हिंदू धर्म के मूल्यों को संरक्षित एवं प्रचारित करने में अग्रणी रहा है और इस आयोजन के माध्यम से एक बार फिर अपनी सांस्कृतिक प्रतिबद्धता को दर्शाएगा।
3. राजवाड़ा चौक –29 को हनुमान चालीसा पाठ; 30 की सुबह प्रभात फेरी का आयोजन
हिंदू नववर्ष उत्सव समिति के तत्वावधान में 29 मार्च रात 8:00 बजे सत्यनारायण मंदिर राजवाड़ा चौक पर भव्य हनुमान चालीसा पाठ संपन्न किए जाएंगे। 30 की सुबह प्रभात फेरी का आयोजन किया जाएगा, जो प्रातः 8:00 बजे राजवाड़ा चौक से प्रारंभ होगी। इस आयोजन के संयोजक आशीष चतुर्वेदी हैं, जो बीते पांच दिनों से विभिन्न माध्यमों से हिंदू समाज को जागृत करने में लगे हुए हैं। सहयोगी घनश्याम भाटी, प्रमोद सोनी एवं साथी संध्या फेरी के माध्यम से प्रचार प्रसार में जुटे हैं।
धार्मिक चेतना और राष्ट्रभक्ति का संदेश
इन आयोजनों में धार्मिक आस्था और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत समन्वय देखने को मिलेगा। हनुमान चालीसा पाठ, प्रभात फेरी, ध्वजारोहण, और सूर्य अर्घ्य के इन आयोजनों से हिंदू समाज में नई ऊर्जा और सांस्कृतिक चेतना का संचार होगा।
गुड़ी पड़वा के इस पावन पर्व पर झाबुआ में धर्म और संस्कृति की यह त्रिवेणी निश्चित रूप से एक ऐतिहासिक आयोजन साबित होगी!
हिमांशु त्रिवेदी, संपादक, भील भूमि समाचार, Reg.MPHIN/2023/87093